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देहरादून | कांग्रेस से बागी होकर बीजेपी का दामन थामने वाले नेताओ पर चोट करने का कोई भी मौका , मुख्यमंत्री हरीश रावत जाने देना नही चाहते. यही कारण है की इन नेताओ के खिलाफ जरा सी खबर पता चलते ही मुख्यमंत्री सक्रीय हो जाते है. और इस बार तो खुद प्रधानमंत्री मोदी उन्हें यह मौका दे गए. जी हाँ, हम उसी स्कूटर घोटाले की बात कर रहे है जिसका जिक्र मोदी ने अपनी रैली के दौरान किया.

प्रधानमंत्री मोदी की कल देहरादून में हुई रैली वैसे तो बीजेपी के लिए काफी सुकून भरी रही लेकिन जाने अनजाने मोदी एक ऐसा अस्त्र हरीश रावत को दे गए जिसका उपयोग उन्ही के नेताओ के ऊपर होना लाजिमी है. मोदी ने रैली के दौरान कहा की ‘उत्तराखंड में तो स्कूटर भी पैसा खाता है. यहाँ स्कूटर की टंकियो में 35 लीटर पेट्रोल डाला जाता है’.

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दरअसल मोदी आपदा के दौरान हुए स्कूटर घोटाले की बात कर रहे थे. उस समय प्रदेश की बागडौर विजय बहुगुणा के हाथ में थी जो अब बीजेपी के पार्टी ज्वाइन कर चुके है. इस घोटाले के छींटे विजय बहुगुणा के दामन पर है इसलिए हरीश रावत ने तुरंत इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए , मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए.

बीजापुर गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा की पीएम मोदी ने रैली में आपदा के दौरान हुए स्कूटर भ्रष्टाचार की जो बात कही गयी इससे यह मामला गंभीर हो जाता है. इसलिए हमने इस मामले की जांच , चंडीगढ़ के रिटायर्ड जज एमएस चौहान से कराने का फैसला किया है. इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चूँकि सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए है इसलिए मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया गया है. मामले की जांच के लिए छह महीने का समय दिया गया है.

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