दिल्ली 8 अगस्त।
उत्तर परदेश के मुसलमानों में गाजियाबाद जो हज हाउस की स्थापना से सुख की लहर दौड़ गई थी और जो सुविधाएं हजारों तीर्थयात्रियों ने पिछले साल लाभ उठाया था उसे हज हाउस के बंद होने की खबर आम होते ही उत्तर पर देस और दिल्ली मुसलमानों में सख्त बेचैनी पैदा हुई और हज हाउस की सुविधा बहाल करने तथा इसे फिर से शुरू किए जाने का पुरजोर मांग दिल्ली और ातरपरदीस मुसलमानों की ओर से किया गया। आज रजा अकादमी के एक प्रतिनिधिमंडल ने अल्हाज मोहम्मद सईद नूरी के नेतृत्व में गाजियाबाद पहुंचकर आला हज़रत हज हाउस के हालात का जायजा लिया। इस प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद आमिर श्रद्धांजलि (बरेली शरीफ) डॉक्टर रईस अहमद रिजवी, रिजवी अल्ताफ ताबानी और शकील सुबहानी शामिल थे। हज हाउस की विज़िट के बाद गाजियाबाद की अग्रणी और गतिशील हस्तियों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन परिष्कृत अहमद रिजवी साहब निवास पर हुआ, जिसमें इस मुद्दे पर विचार ोसुस किया गया, डॉक्टर गुलाम मोहम्मद नूरी (सनी मोहम्मदी जामा मस्जिद गाजी) , मोहम्मद उस्मान रिजवी, डॉक्टर इदरीस रिजवी (मकराना), मोहम्मद सलमान रिजवी (गाजियाबाद), डॉक्टर रईस अहमद रिजवी, मोहम्मद आमिर षसनी, रिजवी अल्ताफ ताबानी सहित पचेसों लोग इस बैठक में मौजूद थे।

डॉक्टर रईस अहमद रिजवी ने इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हज हाउस निर्माण हाजियों की सुविधा के लिए की गई थी इसलिए इसी उद्देश्य हेतु इसे पुनः आरंभ किया जाना चाहिए। महोदय ने बताया कि हम लोग आला हज़रत हज हाउस से वापस ही पलट रहे थे कि पुलिस अधिकारियों वहाँ आगमन हुआ जो अनुमान होता है कि यह पूरा क्षेत्र विभाग संग्राम पुलिस की कड़ी निगरानी में है। बैठक के प्रतिभागियों ने बताया कि कुछ दिनों पहले इस मामले में किए गए एक विरोध के अवसर पर वहाँ तनाव फैल गया था। जिसके बाद से ही आला हज़रत हज हा ओस आसपास धारा 144 लागू कर दिया गया है ताकि इस मामले को लेकर फिर से यहाँ कोई विरोध या प्रदर्शन न किया जा सके।

रजा अकादमी के प्रमुख अल्हाज मोहम्मद सईद नूरी ने अपनी मखा्बत कहा कि सरकारी कोष से निर्माण किए गए इस हज हाउस की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और इसके रास्ते में बाधाओं को दूर करने के लिए भी सरकार का ही काम है लेकिन अफसोस कि बजाय यूपी की योगी सरकार खुद ही हज हाउस के रास्ते में रुकावटें पैदा करते नज़र आ रही है। इस मामले को जटिल बनाने की जो कोशिश उत्तर परदेश सरकार कर रही है इससे पूर्वाग्रह की बू आ रही है। महोदय ने कहा कि इस मामले में विशेषज्ञ वकीलों से सलाह-मशविरा करने के बाद कानूनी कदम उठाने की ओर दिल्ली और उत्तर पर देस मुसलमानों को आकर्षित होना चाहिए। महोदय ने कहा कि बहुत सुन्दर और दीदा ज़ेब हज हाउस वर्तमान स्थिति देखकर अनुमान होता है कि अगर यही स्थिति कायम रही तो हज हाउस यह भव्य निर्माण यूं ही बर्बाद हो जाएगी। इस संबंध में डॉ। गुलाम मोहम्मद नूरी (सनी मोहम्मदी जामा मस्जिद, गाजियाबाद) ने बताया कि हज हाउस में पहले बिजली काट दिया गया और उसके बाद ताला लगाते हुए उसे सील कर दिया गया महोदय ने कहा कि आला हज़रत हज हाउस बंद करने के लिए जो निर्णय योगी सरकार ने लिया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। मोहम्मद आमिर श्रद्धांजलि (बरेली शरीफ) ने कहा कि अगर कानूनी स्तर पर कुछ मुद्दों थे तो उसे हज हाउस के निर्माण से पहले ही हल किया जाना चाहिए था अब जरूरत इस बात की है कि सरकार कोई ऐसा रास्ता मिल जो जनता के करोड़ों रुपयों की लागत से बनाए गए इस हज हाउस की रक्षा हो सके और तुरंत हज हाउस की सुविधा यात्रियों को प्रदान की जा सकें।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

डॉक्टर इदरीस रिजवी ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल NGT ने आला हज़रत हज हाउस के पूरे क्षेत्र को ग्रीन जोन घोषित कर दिया और यही बात इस हज हाउस को बंद करने के कारण के रूप में प्रदान की जा रही है आज उत्तर परदेश और दिल्ली के करोड़ों मुसलमान यही सोच रहे हैं कि जब इस हज हाउस निर्माण हो रही थी उस समय NGT और जिम्मेदार अधिकारी कहां थे,

Loading...