जयपुर: गुजरात के नलिया गैंगरेप मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं के नाम आने के बाद से ही बीजेपी के नेताओं को अपना मुंह छिपाना पड़ रहा हैं. ऐसे में अब बीजेपी के लिए एक और मुसीबत सामने आ गई हैं.

एसओजी ने चार ऐसे गिरोहों का खुलासा किया है, जो महिलाओं से अवैध संबंध बनवाकर दुष्कर्म का केस करवाने की धमकी देते और फिर समझौते के नाम पर ब्लैकमेलिंग कर लाखों का वसूली किया करते थे. इन गिरोहों में से दो बड़े गैंग को बनाने और बढ़ाने में एक सरकारी वकील सहित बीजेपी नेता का बेटा अनिल यादव शामिल हैं.

11 फरवरी 2014 को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच में सरकारी अधिवक्ता के तौर पर नियुक्त हुआ अनिल यादव और उसका अधिवक्ता पिता लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. भाजपा सरकार की और से ही एडवोकेट अनिल यादव को हाईकोर्ट में सरकारी वकील की नियुक्त दी गई थी.

अनिल यादव मसाज पार्लर में लडकियों के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाता. फिर उन्हें  दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देता. इस तरह उसने एक मार्बल व्यवसायी से 10 लाख रुपए भी हडपे. साथ ही  एक साल में 6 रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल कर 60 लाख रुपए वसूले का भी आरोप हैं.

शनिवार को एसओजी ने गोविंदगढ़ निवासी महेश कुमार यादव, मुरलीपुरा निवासी पूनम कंवर और मालवीयनगर निवासी वंदना भट्ट को गिरफ्तार किया था. हालांकि अनिल यादव अभी फरार है, उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी है.


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