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गुलबर्गा: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए ट्रिपल तलाक को आपराधिक घोषित करने वाले मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 (The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) का गुलबर्गा की मुस्लिम महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया.

शरिया बचाओं के नारों के साथ मुस्लिम महिलाओं ने मिनी विधान सभा का घेराव किया. इस दौरान नासिर हुसैन उस्ताद साहब ने एक सभा को संबोधित किया. जिसमे मोदी सरकार के इस फैसले की तीखी आलोचना की गई. पूरी रैली शरिया में मुदाखिलत नहीं चलेगी के नारों के साथ गूंज उठी.

इस मौके पर रैली को संबोधित करते हुए गुलबर्गा मुस्लिम यूनिटी के अध्यक्ष जवाद अली ने कहा कि मुस्लिम समुदाय सरकार के इस कदम को जोरदार विरोध कर रहा है, जो शरीयत के खिलाफ है. उन्होंने कहा, प्रस्तावित मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) विधेयक 2017 के प्रावधान काफी आपत्तिजनक हैं.

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उन्होंने सवाल उठाया कि तीन  तलाक़ विधेयक में दंड और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है और पत्नी को बच्चों के पास रखने का मार्ग प्रशस्त किया गया है. ऐसे में तलाक स्वयं निरस्त हो जाता है और यहां सजा का दायरा है.