Sunday, September 19, 2021

 

 

 

गुर्जरों ने पटरियों से हटने से किया इंकार, बैंसला बोले – पिछड़े सवर्णों को 10 दिन में मिल सकता है आरक्षण तो हमें क्यों नहीं?

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पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज का सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में दिल्ली-मुबंई रेलवे ट्रैक पर महापड़ाव रविवार को तीसरे दिन भी जारी है. रेलवे ट्रैक बाधित होने के कारण कई ट्रेनें लगातार तीसरे दिन प्रभावित हुई हैं.

कोटा रेलवे मंडल ने रविवार से 13 फरवरी तक 26 ट्रेनों को जहां रद्द कर दिया है, वहीं 26 को डायवर्ट किया गया है. आंदोलन के कारण करौली में कैरोली-हिंडौन मार्ग पर लगाया जाम दूसरे दिन भी जारी है. इससे वहां आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है.

अब गुर्जर नेता किरोड़ीसिंह बैसला ने आज बूंदी में हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है. वहीं, शनिवार को राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह भी गुर्जरों को मनाने मलारना ट्रैक पहुंचे थे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

बैंसला ने साफ कर दिया कि वार्ता के लिए कोई प्रतिनिधिमंडल कहीं नहीं जाएगा। जो भी बात होगी, यहीं होगी. हमारा आंदोलन जारी रहेगी. मंत्री विश्वेंद्र सिंह और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी नीरज के. पवन वार्ता का न्योता लेकर शनिवार शाम धरनास्थल पहुंचे. विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि गुर्जर समाज का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को जयपुर या ट्रैक के आसपास ही बातचीत के लिए आ जाए. इसके जवाब में बैंसला ने साफ कहा कि उनका कोई प्रतिनिधिमंडल कहीं नहीं जाएगा.

जब केंद्र सरकार सात दिन में आर्थिक पिछड़े सवर्ण को दस प्रतिशत आरक्षण दे सकती है तो हमें 14 साल से क्यों परेशान किया जा रहा है. सरकार से यहीं बात होगी. इसके बाद विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि इस मसले पर वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात करेंगे. सरकार मामले में कानूनी राय भी ले रही है. हम अपना प्रस्ताव लेकर यहां आ जाएंगे.

गुर्जर समुदाय ने डेयरी में भेजे जाने वाले दूध की सप्लाई को बंद कर दी. यह दूध अब आंदोलन स्थल तक लेकर आया जा रहा है.

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