अहमदाबाद: गुजरात के 2002 के नरोदा ग्राम नरसंहार मामले के एक पीड़ित ने मंगलवार को गुजरात हाई कोर्ट से कहा कि विशेष एसआईटी न्यायाधीश के स्थान पर कि किसी ‘निष्पक्ष’ व्यक्ति को लाया जाए.

शरीफ मलिक ने मांग करते हुए कहा कि नरोदा पाटिया मामले की दोषी और पूर्व भाजपा विधायक माया कोडनानी को मिली जमानत रद्द की जाए जो इस मामले में आरोपी हैं. मलिक नरोदा ग्राम मामले के गवाह भी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी अदालत उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है.

शरीफ ने ये मांग विशेष अदालत की सुनवाई के एक सप्ताह बाद उठाई हैं. जिसमे अदालत ने बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह और 13 अन्य को उनके बचाव गवाह के तौर पर बुलाए जाने के लिए माया कोडनानी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया था.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

शरीफ ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें डर है कि नरोडा पाटिया मामले की तरह, पूर्व-नियोजित साजिश के रूप में न्यायाधीश मामले को बंद करने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि नरोदा ग्राम के मामले को पूर्व-नियोजित साजिश के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए और अभियुक्त को सख्त सजा दी जानी चाहिए.

Loading...