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गुजरात की बीजेपी सरकार में दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों का उत्पीडन रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ऊना कांड की तर्ज पर अब एक आदिवासी महिला को पीटने का मामला सामने आया है.

घटना नर्मदा जिले के गाँव से जुडी हुई है. जहाँ एक आदिवासी महिला को उसके घर के सामने ही मवेशियों के खूंटे से बांधकर करीब पांच घंटे तक लगातार पीटा गया. पीड़िता को महिला हेल्पलाइन की टीम ने आकर बचाया. हालांकि आरोपी मौके से तुरंत फरार हो गए.

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पीड़िता की पहचान बुचीबेन वसावा के तौर पर हुई है. जिनका बेटा प्रेम-प्रसंग के चलते गाँव की एक लड़की को लेकर भाग गया. लड़का और लड़की दोनों बालिग़ है और साथ ही अंकलेश्वर जीआईडीसी में एक निजी कंपनी में काम करते है. दोनों ने कुछ महीनों पहले जम्बुसार कोर्ट में शादी कर ली.

शादी के बाद दोनों दूसरे गांव में रहने लग गए. कुछ दिनों बाद लड़की के माता-पिता ने कल्पेश के माता-पिता पर 2.5 लाख रुपए उन्हें देने का दबाव बनाया. पैसे नहीं देने पर लड़की के परिवार वालों ने आकर कल्पेश के घर वालों के साथ मारपीट की. इस दौरान सभी भागने में कामयाब रहे लेकिन बुचीबेन अकेली रह गई.

गांव के सरपंच शैलेश वसावा ने बताया कि जिस वक्त कल्पेश के माता-पिता को पीटा जा रहा था वह खुद उस वक्त गांव से बाहर थे. उन्होंने जानकारी दी कि फिलहाल मामले को शांत कर दिया गया है. पुलिस के सामने लड़की के माता-पिता ने कल्पेश के परिवार को परेशान न करने पर सहमति दे दी है.

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