Saturday, September 25, 2021

 

 

 

गुजरात: जातिगत भेदभाव के चलते ऊना कांड के पीड़ित छोड़ेंगे हिन्दू धर्म

- Advertisement -
- Advertisement -

गुजरात के ऊना में ‘गोरक्षकों’ के हाथों दर्दनाक यातना झेलने वाले दलित समुदाय के लोगों ने अब हिन्दू धर्म छोड़ने का फैसला किया है. पीड़ितों के परिवार बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के जन्मदिन 14 अप्रैल को हिंदू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपनायेंगे.

ध्यान रहे पिछले साल ऊना में मरी गाय की खाल निकालने पर  वशराम और उनके तीन अन्य भाइयों की बेरहमी से पिटाई की गई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसके बाद गुजरात सहित देश भर में दलितों ने प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान एक दलित युवक ने आत्महत्या भी कर ली थी.

25 वर्षीय योगेश हीराभाई सोलंकी ने राज्यव्यापी बंद के दौरान राजकोट के धोराजी में जहर पी लिया था. इलाज के लिए हीराभाई को राजकोट से अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाया गया था जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद दलितों ने मृत जानवरों को सरकारी दफ्तरों में फेंकना शुरू कर दिया था.

इस बारें में वशराम सरवैया का कहना है कि उनके परिवार के सदस्यों ने हिंदू धर्म छोड़ने का फैसला किया है. इसकी वजह उनके साथ लगातार हो रहा जातिगत भेदभाव है जो उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन नहीं जीने दे रहा है.

उन्होंने कहा, ‘मृत जानवरों की खाल उतारने जैसे अपने पैतृक पेशे जारी रखने से जो शर्म और भय थोपा जा रहा है, वह हमें हिंदू धर्म को छोड़ने पर मजबूर कर रहा है. करीब डेढ़ साल बाद हमारा परिवार इस बात पर सहमत हुआ है कि हम बौद्ध धर्म अपनाकर ज्यादा अच्छे से रहेंगे जो जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करता है.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles