गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने रविवार देर रात अपनी तीसरी और अंतिम लिस्ट जारी कर दी है. 34 प्रत्याशियों की इस लिस्ट में भी पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को टिकट नहीं मिला है.

पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल पहले घाटलोडिया सीट से विधायक थीं. इस बार इस सीट से भूपेंद्र पटेल को टिकट दे दिया गया. ध्यान रहे 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदीबेन को गुजरात का मुख्‍यमंत्री बनाया गया था. उनके शासन के दौरान हो दलितों और पटेलों का आंदोलन हुआ था.

पाटीदारों के आरक्षण आंदोलन में गोलीबारी, तोड़फोड़ और आगजन के चलते आनंदीबेन को पटेलों के गुस्से का सामना करना पड़ा था. आखिर में उनकी सीएम की गद्दी भी छोड़नी पड़ी. जिसके बाद विजय रुपाणी को सीएम बनाया गया था.

माना जा रहा है कि पाटीदार वोटों के बीच अपनी छवि सुधारने के लिए बीजेपी ने आनंदीबेन को टिकट नहीं देने का फैसला किया है. गुजरात में पटेल समुदाय बीजेपी का परंपरागत वोट रहा है.  लेकिन 2015 से हार्दिक पटेल के नेतृत्व में शुरू हुआ पाटीदारों का आंदोलन के चलते दूर हो गया.

हालांकि टिकट को लेकर गुजरात की पूर्व सीएम ने कहा था कि चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी नेतृत्‍व ही करेगा. फिर चाहे घाटलोडिया हो या कोई अन्‍य सीट हो. कौन कहां से लड़ेगा इस बारे में फैसला संसदीय समिति को करना है.

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