गुजरात के उना में कथित गौरक्षा के नाम पर की गई दलित युवको की पिटाई के बाद दलितों द्वारा मरे पशुओं के शव को उठाने से इंकार करने के बाद के मरे पशुओं निपटान की समस्या पैदा हो गई हैं जिसके चलते अब दलितों को धमकीयां दी जा रही हैं.

ऐसा ही एक मामला हिम्मतनगर में पेश आया हैं जहाँ मरे हुए बछड़े को उठाने से इनकार करने पर दलित परिवारों को गाँव से निकलने की धमकी दी गई हैं. इस मामले में पुलिस ने अगड़ी जाति के 13 ग्रामीणों पर मामला दर्ज किया है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

पीड़ितों का आरोप है कि बाजेसिंह और उनके बेटे, जयेंद्रसिंह और गणपतसिंह ने उन्हें जातिगत गालियां दीं और धमकाया कि अगर वे मरे हुए जानवरों को हटाने का अपना पुश्तैनी काम नहीं करेंगे, तो उन्हें गांव से निकाल दिया जाएगा.

इसके अलावा  जब वे गांव में दूध खरीदने गए, तो आरोपियों ने दलित परिवारों को दूध व अन्य आवश्यक चीजें नहीं बेचे जाने की धमकी दी हैं.

Loading...