देश में हिंसा और नफरतों की खबर के बीच भी ऐसी खबर भी मिलती हैं जिससे देश में भाईचारे और एकता को मजबूत करने में सहायक होती हैं. इन्ही ख़बरों में से ये खबर हैं जो अहमदाबाद के कालूपुर इलाके से हैं. यहाँ पर हिन्दू-मुस्लिम एकता की जो मिसाल देखने को मिली है, वो बहुत कम देखने को मिलती हैं.

दरअसल, इलाके में स्थित एक मस्जिद पिछले 30 सालों से इबादत के लिए तरस रही थी,  ये मस्जिद तकरीबन 100 साल पुरानी है और इसमें पिछले 30 सालों से ताला लगा हुआ था. इस मस्जिद के पास भगवान् राम और हनुमान के मंदिर बने हुए हैं. ये इलाका हिन्दू आबादी से भरा हुआ हैं.

साल 1984 में इलाकें में सांप्रदायिक दंगे भडक गये, जिसमे नफरतों के सौदागरों ने दोनों समुदायों का जमकर खून बहाया. इसके बाद 1992 में बाबरी मस्जिद की शहादत के दौरान भी जमकर लोगों का खून बहा. लेकिन साल 2002 के दंगों के बाद बंद पड़ी मस्जिद को खोला गया.

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इस दौरान भाइचारे की भावना दिखाते हुए हिंदू लोगों ने भी साथ दिया, और मस्जिद की सफाई कर उसकी रिपेयर का काम करवाया. इस मस्जिद को खुले अगले महीने एक साल होने वाला है. आज भी मस्जिद की चाबी एक हिन्दू के पास रहती है.

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