गुजरात के भुज में स्थित अडानी ग्रुप के जेके जनरल हॉस्पिटल में पिछले 5 माह में 111 नवजात बच्चों की मौत का मामला सामने आया है. जिसके बाद गुजरात सरकार ने अब जांच के आदेश दिए है.

अस्पताल द्वारा जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक 20 मई तक 2018 के पहले पांच महीने में 111 शिशुओं की मौत हुई. हॉस्पिटल प्रबंधन ने मौत के लिए देरी से भर्ती होने, कुपोषण सहित अन्य कारणों का हवाला दिया.

इस मामले में  गुजरात स्वास्थ्य आयुक्त जयंती रवि ने कहा, ‘हमने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की है. टीम के रिपोर्ट सौंपने के बाद हम उचित कदम उठाएंगे.’

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हॉस्पिटल सुपरिंटेंडेंट जीएस राव के अनुसार, 1 जनवरी और 20 मई के बीच 777 नवजात पैदा हुए और उसमें से 111 बच्चों की मौत हुई है. इससे पहले 2017 में 258 शिशुओं की मृत्यु हो गई थी, जबकि 2016 और 2015 में अस्पताल में क्रमश: 184 और 164 शिशु की मौत हो गई थी.

जीएस राव कहते हैं कि इस बार हॉस्पिटल की मृत्यु दर 14 प्रतिशत है, जो पिछले वर्षों से कम है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से हम काम कर रहे हैं, उससे लग रहा है कि इस साल के अंत में मृत्यु दर सबसे कम रहेगी.

राव ने कहा, ‘मौतों का एक कारण समय पूर्व जन्म भी है. एक अन्य कारण कुपोषण है क्योंकि मां उचित आहार नहीं ले पाती हैं जो गर्भ में बच्चे के वजन बढ़ाने में सहायक होता है.’

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