Saturday, September 25, 2021

 

 

 

कादियानियों के बढ़ते प्रभाव को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज: अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी

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मुंबई: कादियानियों के बढ़ते प्रभाव पर रजा अकादमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने चिंता जाहीर करते हुए कहा कि इस्लाम विरोधी ताकतें बहुत सक्रिय हैं। दुनिया के कई हिस्सों में, कादियानी ने अपने नेटवर्क को मजबूत किया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

अपने मराठवाड़ा क्षेत्र के दौरे पर उन्होने सुन्नी उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जुमे की नमाज से पहले मस्जिदों में खत्म ए नबुवत के विषय पर तकरीर की जानी चाहिए। उन्होने कहा, खत्म ए नबुवत इस्लाम का मूल सिद्धान्त है। जिस पर हर मुसलमान को विश्वास करना चाहिए।

उन्होने कहा, इस्लाम के पैगंबर हज़रत मुहम्मद मुस्तफा (ﷺ) अंतिम पैगंबर हैं। उनके बाद किसी भी पैगंबर का जन्म होना संभव नहीं है। मिर्जा गुलाम अहमद कादियानी ने झूठा पैगंबर होने का दावा किया। जिस पर इमाम अहमद रज़ा खान कादरी बरेलवी (रह) ने मिर्जा गुलाम अहमद कादियानी को इस्लाम से निष्कासित करने का पहला फतवा दिया था।

नूरी साहब ने बताया कि इमाम अहमद रज़ा खान कादरी बरेलवी (रह) के फतवा दिये जाने के बाद अन्य संप्रदायों के विद्वानों ने भी मिर्जा कादियानी को काफिर घोषित करने वाला फतवा जारी किया। उन्होने मुस्लिमो से कादियानी फितने के खिलाफ मुस्लिमों से सचेत रहने की भी अपील की।

इस दौरान मराठवाड़ा के औरंगाबाद, जालना और बलदाना, सिंध खेड़ राजा, देओल गांव राजा, चखली, मलकापुर, नंदुरा, खाम गांव, शिगांव, मेकर जिलों के विभिन्न शहरों से आए उलेमा और इमाम उपस्थित रहे।

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