यूपी के गोंडा में एक मंदिर के पुजारी पर हुए जानलेवा हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है ये मामला पूरी तरह से फर्जी है। पुजारी ने खुद पर ही हमला करवाया है। पुलिस ने अब महंत समेत 7 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी व मामले की जांच के लिए एएसपी महेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीमें गठित की गई थी। पुलिस जांच के दौरान पाया गया कि तिर्रेमनोरमा के प्रधान विनय सिंह व मंदिर के महंत सीताराम दास ने मिलकर घटना की साजिश रची थी।

एसपी ने बताया कि मंदिर की करीब 120 बीघा जमीन है। जिसका विवाद महंत व अमर सिंह के बीच चल रहा था। अमर सिंह जल्द ही जेल से बाहर आया था। वहीं प्रधान विनय सिंह आने वाले पंचायत चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अमर सिंह को फंसाना चाहते थे।

साजिशकर्ताओं में विनय सिंह के दो पुत्र सूरज व नीरज के अलावा तिर्रेमनोरमा के मुन्ना सिंह, शिवशंकर सिंह, सूरज सिंह, मध्यप्रदेश रीवां के निवासी महंत वृंदारण त्रिपाठी उर्फ सीताराम दास व विपिन द्विवेदी तथा पुजारी सम्राट दास उर्फ अतुल त्रिपाठी शामिल हैं।

वहीं इस साजिश में शामिल राम जानकी मंदिर के पुजारी  सम्राट दास का पुलिस की देखरेख में  लखनऊ की अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपितों पर जानलेवा हमला, 120 बी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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