सोनभद्र. देश के सबसे पिछड़े जिलों में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का सोनभद्र जल्द ही भारत के सभी जिलों को पीछे छोडने वाला है। दरअसल, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की एक टीम ने घोषणा की है कि उन्होंने सोनभद्र की पहाड़ियों में सोने की खदान ढूंढ़ निकाली है।  इन खदानों में इतना सोना है कि उसके मिलने के बाद भारत सोने के मामले में दुनिया के टॉप-3 (Top-3) देशों में शामिल हो सकता है।

माना जा रहा है कि यहां तीन हजार टन सोने (Gold) के अयस्क से करीब डेढ़ हजार टन सोने का खनन किया जाएगा। सरकार की ओर से 7 सदस्यीय टीम गठित कर इनके खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया से पूर्व जिओ टैगिंग की कार्रवाई शुरू की गई है। इसी क्रम में जीएसआई खदान के इलाके का हवाई सर्वेक्षण करा रही है। इसके लिए दो हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।

सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र के हरदी गांव में व दुध्धी तहसील के महुली गांव के हरदी क्षेत्र में 646.15 किलोग्राम सोने का भंडार है वही सोन पहाड़ी में 2943.25 टन सोने का भंडार है। इसके साथ-साथ सोनभद्र के फुलवार क्षेत्र में दो स्थानों पर तथा सलैयाडीह क्षेत्र में एडालुसाइट , पटवध क्षेत्र में पोटाश, भरहरी  में लौह अयस्क और छपिया ब्लाक में सिलीमैनाइट के भंडार की भी खोज की गई है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में भारत के पास करीब 626 टन सोने का भंडार है। वहीं, सोनभद्र जिले में मिला सोना इससे करीब 5 गुना ज्यादा है। मौजूदा कीमत के हिसाब से इतने सोने का मूल्य करीब 12 लाख करोड़ रुपये है।

दुनिया में सबसे ज्यादा सोने का भंडार अमेरिका (America) के पास है, यह लगभग 8,133 टन है। जो उसके कुल विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign exchange reserves) का 76.9% है। वहीं दसरे नंबर पर 3366.8 टन सोने के साथ जर्मनी (Germany) और तीसरे स्थान पर इटली है जिसके पास 2451.8 टन सोना है।

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