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मध्य प्रदेश के चित्रकूट जिले में गांधी जयंती के दिन नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने का मामला सामने आया है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

थानाक्षेत्र के सगवारा गांव के पास बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे को प्रखर हिंदूवादी चिंतक व महान देशभक्त बताकर कुछ युवकों ने उनकी मूर्ति स्थापित की। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव फ़ेल गया। जानकारी होने पर राजापुर एसडीएम भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और छह युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने मूूर्ति को हटाकर उसे नष्ट करा दिया।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने पुलिस को बताया, “गांधी जयंती के दिन चार लोग आए और गांव से बाहर एक स्थान पर नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी करने लगे। जिस जमीन पर यह प्रतिमा स्थापित की जा रही थी, वह रमेंद्र नामक व्यक्ति की है, जो खुद को राष्ट्रीय सनातन दल के सदस्य और इस संस्था के चित्रकूट मंडल के अध्यक्ष बताते हैं। दो लोग इस इलाके के नहीं हैं। ये पहली बार यहां देखे गए।”

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चित्रकूट के एसपी मनोज कुमार झा ने बताया, “सगवारा गांव के रहने वाले लोगों हमें बताया कि कुछ लोग गांव के बाहर नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने वाले हैं। यह इलाका राजापुर पुलिस थाना क्षेत्र में पड़ता है। सूचना मिलते ही एक पुलिस टीम और राजापुर एसडीओ को मौके पर भेजा गया और वहां से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनमें से दो चित्रकूट के हैं, एक बक्सर के और एक अन्य बांदा के हैं। पुलिस ने उस प्रतिमा को भी हटा दिया है, जो जिला प्रशासन की अनुमति के बगैर स्थापित किया जा रहा था। इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है।”

एसपी ने आगे बताया, “जांच प्रक्रिया जारी है। हम पता लगाने की कोशिश कर हैं कि आरोपियों के पास से यह प्रतिमा कहां से आई। हम यह भी पता कर रहे हैं कि गांधी जयंती के दिन नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित कर तनाव पैदा करने का षडयंत्र तो नहीं रचा गया था? जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।”

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय सनातन दल के संस्थापक बृजेंद्र पांडेय, आयोजक राघवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष संदीप सिंह व प्रियंका पांडेय के नाम का बैनर गांव में लगा था। जिसमें नाथूराम गोडसे को प्रखर हिंदूवादी चिंतक व महान देशभक्त का उल्लेख कर तस्वीर लगी थी। इसी बैनर में देशभक्त सुभाष चंद्र बोस व रानी लक्ष्मीबाई के भी चित्र लगे थे। मंगलवार की दोपहर को पूर्व योजनानुसार एक दर्जन भगवा वस्त्र धारी युवक अचानक चबूतरे के पास पहुंचे और पहले से ही मंगाकर रखी गई नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगवा दी। इसके बाद देशभक्ति गीतों के बीच मूूर्ति पर माल्यार्पण शुरू किया।

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