ग्वालियर. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के हत्यारे नाथूराम गोडसे के कट्टर समर्थक और हिंदू महासभा के ग्वालियर से इकलौते पार्षद रहे बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस में एंट्री को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा  है.

दरअसल, शनिवार को बाबूलाल चौरसिया कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे थे. उसके बाद रविवार की शाम को कांग्रेस नेता रूपेश यादव सहित पार्टी के कुछ कार्यकर्ता ग्वालियर के फूलबाग मैदान में स्थित गांधी पार्क पहुंचे और उन्होंने प्रतिमा पर गंगाजल (Ganga water) का छिड़काव कर उसे ‘शुद्ध’ किया और कहा कि वह चौरसिया का विरोध तब तक करते रहेंगे, जब तक उसे पार्टी से नहीं निकाला जाएगा.

बीते दिनों भोपाल में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ की मौजूदगी में बाबूलाल चौरसिया ने कांग्रेस का दामन थामा था. चौरसिया वर्ष 2014 में हुए ग्वालियर नगर निगम के चुनाव में हिंदू महासभा के उम्मीदवार के तौर पर पार्षद का चुनाव जीते थे. इतना ही नहीं गोडसे की प्रतिमा के अभिषेक और पूजा अर्चना करने वालों में चौरसिया के भी शामिल होने के आरोप लगे थे. उनके खिलाफ तत्कालीन कमल नाथ की सरकार के कार्यकाल में पुलिस थाने में भी मामला दर्ज कराया गया था.

कांग्रेस नेता रूपेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘बाबूलाल चौरसिया पहले कांग्रेसी थे, लेकिन अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते हिंदू महासभा में गए और फिर उन्होंने गोडसे की पूजा की. ऐसे व्यक्ति का हृदय परिवर्तन होना आश्चर्य की बात है और अब वे फिर से राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं. ऐसा व्यक्ति गांधीवादी नहीं हो सकता.’’

रूपेश यादव ने बताया, ‘‘शनिवार को बाबूलाल चौरसिया ने इसी गांधी पार्क में आकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था, जिसके कारण यह प्रतिमा अशुद्ध हो गई थी. इसीलिए आज रविवार को अपने साथियों के साथ पहले हमने गंगाजल से गांधी प्रतिमा को शुद्ध किया और बाद में उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक चौरसिया को कांग्रेस पार्टी से बाहर नहीं कर दिया जाता.’’