इंसान इरादा कर ले तो क्या हैं जो मुमकिन नहीं हो सकता हैं. अपने इरादों और मेहनत के दम पर  महाराष्ट्र के बीड में मदरसा से शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र अब्दुल अहद ने स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही केवल 10 महीने में हिफ्ज़ कुरान कर लिया.

अब्दुल अहद सातवीं कक्षा का छात्र है. ऐसे में इतनी छोटी से उम्र में मात्र 10 महीने की समयावधि में हिफ्ज़ कुरान करना एक अनोखा काम हैं. बीड शहर के इतिहास में पहली बार किसी छात्र ने स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के साथ साथ इतनी कम अवधि में हिफ्ज़ कुरान करने का इतिहास रचा हैं.

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हाफिज अब्दुल अहद की यह सफलता उन लोगों के मुंह पर एक तमाचा हैं जो मदरसों को आधुनिक शिक्षा में रुकावट मानते हैं. अब्दुल अहद ने साबित किया हैं कि इस्लामिक तालीम में बिना रुकावट डाले भी आधुनिक शिक्षा हासिल की जा सकती हैं. बशर्ते उस लायक माहोल उपलब्ध कराया जाए.

क्या हैं हिफ्ज़ कुरान ?

हिफ्ज़ कुरान से तात्पर्य इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरान को कंठस्थ करने से हैं. जो शख्स पवित्र किताब कुरान को कंठस्थ कर लेता हैं वह हाफिज ए कुरान कहलाता हैं.

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