Thursday, September 23, 2021

 

 

 

गहलोत सरकार ने सरकारी कागजों से दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरें हटाने का दिया निर्देश

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जयपुर. कांग्रेस सरकार ने सरकारी दस्तावेजों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर लगाने संबंधी भाजपा सरकार के आदेश को पलट दिया। भाजपा सरकार ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में 11 दिसंबर 2017 को सरकारी दस्तावेजों पर अशोक चिह्न के साथ उपाध्याय का चित्र लगाने का आदेश दिया था।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई में 29 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक राज्य के सभी राजकीय विभागों, निगमों, बोर्ड और स्वायत्तशासी संस्थाओं के लेटर पैड पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर का लोगो के रुप में इस्तेमाल करने के संबंध में 11 दिसंबर, 2017 को पूर्व की वसुंधरा सरकार द्वारा जारी आदेश को वापस ले लिया गया है।

कैबिनेट के इस आदेश को सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, डिविजनल कमिश्नर, जिला कलेक्टर और विभागों के मुखियाओं को जारी किया गया है। आदेश के अनुसार सभी सरकारी लेटर पैड पर दीनदयाल अपाध्याय की तस्वीर की जगह अब राष्ट्रीय चिन्ह अशोक चक्र होगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव रवि शंकर श्रीवास्तव की ओर से जारी इस आदेश के अनुसार राज्य मंत्रिमंडल की 29 दिसंबर को हुई बैठक में किए गए फैसले के तहत यह कदम उठाया गया है। 

इसमें लिखा है कि राज्य के समस्त राजकीय विभागों, निगमों, बोर्ड एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के लेटर पैड पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर का लोगो के रूप में प्रयोग/मुद्रण करने के संबंध में 11 दिसंबर, 2017 को जारी परिपत्र को वापस लिया जाता है।

बता दें कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार आने के बाद कई योजनाओं और जगहों को एकात्म मानववाद और पार्टी के वैचारिक प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम कर दिया गया था। इसमें उत्तर प्रदेश के मुगलसराय स्टेशन का बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय किया जाना काफी चर्चा में रहा।

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