Saturday, September 18, 2021

 

 

 

पहली कैबिनेट बैठक में गहलोत सरकार ने पलटे वसुंधरा सरकार कई फैसले

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राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही वसुंधरा राजे सरकार के कई फैसलो को पलट दिया। इस दौरान बीजेपी सरकार के निर्णय निकाय चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को खत्म करना रहा। वहीं, मेयर, नगर परिषद सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने का प्रस्ताव पास कर दिया गया।

इसके अलावा बीजेपी शासन में बंद हुए अंबेडकर विधि और हरिदेव जोशी पत्रकारिता यूनिवर्सिटी को दोबारा खोलने व सरकारी लेटरहेड से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चित्र हटाने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्रदेश सरकार वसुंधरा के कार्यकाल में स्कूल बुक्स में हुए बदलावों की भी समीक्षा करेगी।

इसके साथ ही कांग्रेस को घोषणा पत्र को सरकार का नीतिगत दस्तावेज बनाने का निर्णय लिया है। घोषणा-पत्र में किए गए 418 वादों को सिलसिलेवार लागू करने के लिए मंत्रियों की समिति गठित होगी । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस का चुनाव घोषणा-पत्र मुख्य सचिव को सौंपते हुए इसे लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।

ये हैं महत्वपूर्ण फैसले
— पंचायत राज संस्थाओं में शैक्षणिक बाध्यता हटाने पर हुई चर्चा
— नगरीय निकायों में भी शैक्षणिक बाध्यता हटाई
— दोनों संस्थाओं में चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता की बाधा हटी
— फसली ऋण के लिए अंतर विभागीय समिति का होगा गठन
— वृद्धावस्था पेंशन योजना चालू होगी
— 500 रुपए वालों को अब 750 रुपए पेंशन मिलेगी
— जिन्हें 750 रुपए मिल रहे थे, उन्हें अब एक हजार रुपए मिलेंगे
— पेंशन बढ़ोतरी आज से ही लागू
— संविदाकर्मियों की समस्याओं के लिए कमेटी का गठन होगा
— शिक्षणकर्मी सहित तमाम कर्मियों की समस्याओं का समाधान समिति करेगी
— राजस्थान लॉ लोक सेवा प्रदान की गारंटी एक्ट होगा लागू
— जवाबदेही व पारदर्शी सरकार के लिए एक्ट होगा लागू
— सरकारी लेटर हेड पर नहीं होगा दीनदयाल उपाध्याय का फोटो, सिर्फ अशोक स्तंभ रहेगा लेटर हेड पर
— स्थानीय निकाय में मेयर पद का होगा सीधा चुनाव
— पिछली सरकार का निर्णय पलटा कांग्रेस सरकार ने
— पंचायती राज स्थानीय निकाय शैक्षणिक योग्यता के लिए लाएंगे संशोधन
— पिछली सरकार के अंतिम 6 माह के निर्णयों की होगी समीक्षा
— हर व्यक्ति चाहे वह पढ़ा लिखा हो या अनपढ़, सत्ता की भागीदारी में उसका योगदान होगा सुनिश्चित



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