जातीय समीकरणों पर आधारित होगी गहलोत कैबिनेट, होंगे 17 मंत्री, 6 स्वतंत्र प्रभार और 6 राज्यमंत्री

6:37 pm Published by:-Hindi News

जयपुर। राजस्थान की तीसरी बार बागड़ोर संभालने वाले नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टीम में जातीय समरसता पर आधारित होगी।

सूत्रों के अनुसार गहलोत अपनी टीम में कम से कम 17 कैबिनेट मंत्री और आधा दर्जन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों के साथ ही कम से कम छह राज्य मंत्री शामिल करेंगे। इसके साथ करीब दस संसदीय सचिव बनाएंगे। विधानसभा चुनावों में 99 सीटें जीत कर सत्ता में आई है।

कांग्रेस के इन 99 विधायकों में सबसे ज्यादा 34 विधायक ओबीसी वर्ग से हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर सवर्ण जाति के विधायक हैं, जिनकी संख्या 23 है। अनुसूचित जाति के विधायकों की संख्या 20 है। अनुसूचित जनजाति के 15 विधायक हैं। इनके अलावा सात विधायक मुस्लिम हैं।

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जातीय संख्या के अनुसार कांग्रेस के विधायकों में 17 जाट, 10 मीणा, नौ ब्राह्मण, आठ मेघवाल, सात गुर्जर, सात मुसलमान, सात राजपूत, छह बैरवा, पांच वैश्य-जैन, चार भील, तीन जाटव, तीन विश्नोई, एक माली, एक रैगर, एक खटीक, एक सिख, एक पंजाबी, एक रावत, एक जांगिड़, एक सहरिया, एक हरिजन, एक यादव, एक रावणा राजपूत, एक कुमावत और एक कलवी जाति से हैं। बता दें कि गहलोत ने अपने पूर्व दोनों कार्यकालों में भी सामाजिक समरसता को पूरी तवज्जो दी थी।

मुख्यमंत्री के रुप में चुने जाने के लिए गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का धन्यवाद। इससे मुझे मुख्यमंत्री के रुप में प्रदेश की जनता की सेवा करने का एक और मौका दिया गया है। जिन मुद्दों को लेकर हम चुनाव में गए थे और राहुल गांधी ने उनको जनता के बीच रखा। उन्हें हमारी सरकार पूरा करेगी। राहुल गांधी ने युवाओं, बेरोजगारी एवं किसानों की बात की थी। पांच साल भाजपा सरकार ने कुशासन दिया था लेकिन उसके बदले कांग्रेस राज्य में सुशासन देगी। किसानों की कर्ज माफी होगी और युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।

उन्होने कहा, भाजपा सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया। हाड़ोती में डेम बनना था। रिफाइनरी का काम होना था। भीलवाड़ा में कोच फैक्ट्री लगनी थी। मेट्रो का काम रोका गया। बांसवाड़ा ब्रॉड गेज से जोड़ा जाना था, लेकिन सब काम रुके पड़े हैं।

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