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अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी का खिताब पाए अल्मोड़ा नगर में एक बार फिर मानवता संप्रदायिक सोच वाले तत्वों पर भारी पड़ी है। देश में भले ही कुछ लोगों की ओर से साजिशन इस एकता को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा हो। लेकिन अल्मोड़ा के लोगों ने दिखा दिया कि मानवता आज भी सबसे पहले अपना स्थान रखती है।

यहां एनटीडी निवासी रहमत खान के घर पर महाराष्ट्र निवासी राम लाल तब से रहते थे जब उनकी उम्र 12 वर्ष थी। लंबी बीमारी के बाद आज उनका निधन हो गया। एक परदेशी को रहमत सहित आस पास के लोगों ने जीते जी जितना प्यार दिया उनके निधन के बाद उतना ही सम्मान उन्हें दिया गया। रहमत और उनके साथियों ने पूरे हिंदू रीति रिवाजों के साथ विश्वनाथ घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। अल्मोड़ा की यह घटना पूरे समाज और देश को कौमी एकता का एक नया संदेश दे गई। इस प्रकरण का समाज का हर वर्ग भूरि भूरि प्रशंसा कर रहा है।

अल्मोडा़ मे कौमी एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला।नगर के एन. टी डी में खान मोहल्ले में स्व. मोहम्मद खान साहाब के निवास पर 72 वर्ष की उम्र में रामलाल उर्फ रामू पुत्र शंकर दत्त का निधन हो गया था।

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रामलाल 5 साल की उम्र से वे स्व. मोहम्मद खान साहाब के घर ही पले-बड़े थे। वह उनके घर में एक पारिवारिक सदस्य के रूप रहें। ऐसे मे खान साहब के परिवार वालों ने उनका पूरे हिन्दू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किया।

खान साहाब के सुपुत्रों रहमत खान, अहमद खान,अय्यूब खान एंव हाजी नूर अकरम खान , दानिश खान आदि ने रमजान के पावन पर्व में रोजेदारी के साथ पूरे हिन्दू रीति रिवाजों के साथ अपने हाथों से पिण्डदान, अग्नि देकर मृत आत्मा की विश्वनाथ घाट में अतेंष्टि कर अंतिम विदाई दी।

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स्व. रामलाल की आत्मा को परमपिता परमेश्वर शान्ति प्रदान करें।अल्मोड़ा नगर की ये कॊमी एकता हमेशा अक्षुण्ण रहें।

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