पूर्व पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद अब्दुल कादीर का शुक्रवार को निधन हो गया है. उन्होंने हैदराबाद में 1990 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान अपने वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या की थी. जिसके लिए उन्हें 25 साल तक जेल में रहना पड़ा था.

वह 56 वर्ष के थे और अपने पीछे एक पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए है. पिछले साल अब्दुल कादीर को तेलंगाना सरकार ने विभिन्न क्वार्टरों की अपील के बाद मानवतावादी आधार पर अपनी आजीवन कारावास की सजा से रिहा कर दिया था.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने अपनी सर्विस वीपन से सांप्रदायिक दंगों के दौरान पुराने शहर के छावनी थाने में पुलिस सहायक आयुक्त सट्टाय की गोली मार दी थी. इस दंगे 200 लोग मारे गए थे. यह घटना 8 दिसंबर 1990 को हुई थी.

सट्टा्या की हत्या, करने की वजह अब्दुल कदीर ने दंगों से निपटने में उसके सांप्रदायिक पूर्वाग्रह को बताया था, अदालत ने अब्दुल कादीर को हत्या का दोषी पाते हुए कारावास की सजा सुनाई थी.

कदीर ने कहा था कि मदद की दर्दनाक आवाज़ों के कैसेट चला कर अवाम को बाहर बुलाते और उन पर गोली चलाते, चुन चुन कर मुस्लिम घरों पर हमला करते, ये मेरे बर्दाश्त के बाहर था. सतैय्या की हत्या के बाद ही आर्मी बुलाई गयी थी और सीएम को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

Loading...