आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के आफ़ताब हॉल के कॉमन रूम में मुस्लिम स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन के ज़ेरे एहतमाम स्टूडेंट फ्रेशर मीट का आयोजन किया गया.

इस दौरान मौलाना नोमान अज़हरी साहब ने कहा कि विद्यार्थियों को नए नए फ़ितनों से बचने की चाहिए. उन्होंने कहा कि रोज नए-नए फितने सामने आ रहे है. जिससे विद्यार्थियों को बचने की जरूरत है.

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मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए डॉ. अहमद मुज्तबा ने सूफिज्म को दुनियाँ और देश की ज़रूरत बताया बताया. इस दौरान उन्होंने मुस्लिम स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन के सुफिज्म के लिए किये गए कार्यों को सराहा.

उन्होंने मुस्लिम स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन के बारें में छात्रों को बताया और कहा, मुस्लिम स्टूडेंट आर्गेनाईजेशनएक गैर सियासी तंज़ीम है जो देश की छात्र छात्राओं में सूफिज्म, हुब्बल वतनी, शांति और देशहित में काम करने वाली तंज़ीम है जो देश दुनियाँ में हो रही तमाम आतंकवादी घटनाओं की निंदा करती है और ऐसी सोच रखने वाले लोगो का खुलकर विरोध करती है.

डॉ. मुज्तबा ने आगे कहा, छात्र छात्राओं को देश दुनियां की सेवा के साथ साथ मानवता को भी जिंदा रखे जिससे समाज की सही मायनों में सेवा हो सके ऐसी तंज़ीम की आज दुनियाँ को ज़रूरत है जो केवल मानवता की सेवा के लिए ही बनी है.

मीट में ही MSO AMU यूनिट की टीम का भी गठन किया गया. जिसकी ज़िम्मेदारी मौलाना जावेद मिस्बाही साहब को सदर के तौर पर दी गयी. उनके साथ नायब सदर मोहम्मद कैफ साहब और मोहतिम ए ऐजाज़ी से अनस साहब को नवाज़ा गय.

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