चमकी बुखार: बच्चों की मौ’तों को लेकर किया था प्रदर्शन, 39 ग्रामीणों पर दर्ज की गई FIR

6:58 pm Published by:-Hindi News

बिहार में अक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) से अब तक 174 बच्चों की मौत हो चुकी है। इलाज की सुविधाएं न मिलने पर राज्य सरकार को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब नितीश सरकार पीड़ित लोगों पर ही मामले दर्ज कर उन्हे ही जेल भेजने की तैयारी कर रही है।

वैशाली जिले में स्थित हरिवंशपुर में चमकी बुखार और पानी की सप्लाई को लेकर प्रदर्शन करने वाले 39 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है, ‘उनके रिश्तेदारों का कहना है कि हमारे बच्चे मर गए। हमने सड़कों का घेराव किया लेकिन हमारे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर लिया गया। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया वे गांव छोड़कर चले गए। वे अपने घरों में एकमात्र कमाने वाले थे।’

बीबीसी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 18 जून को दिमाग़ी बुखार के मरीज़ों का हाल जानने के लिए मुज़फ़्फ़रपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल गए थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनएच-22 से होकर जाएंगे इसी को देखते हुए सड़क किनारे स्थित हरिवंशपुर गांव के लोगों ने उस सड़क का घेराव कर दिया था। गांव वालों ने पीने के पानी, बुखार से इलाज की व्यवस्था की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन किया था।

पुलिस ने सड़क के घेराव के कारण ही 19 नामजद और 20 अन्य के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है। नामजदों में क़रीब आधे दर्जन वे लोग हैं जिनके बच्चों की मौत बुखार से हुई है। बता दें कि हरिवंशपुर के लोगों ने रविवार (23 जून)  को सांसद और विधायक का विरोध किया था।

बच्चों की मौत से नाराज लोगों ने लालगंज से एलजेपी विधायक राजकुमार साह को कुछ देर के लिए बंधक बना लिया था। यही नहीं उन्होंने एलजेपी सांसद पशुपति कुमार पारस को बंधक बना लिया था। यहां के लोग इस बार से नाराज थे कि इतनी बड़ी आपदा के बाद यहां कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया था।

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