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कलकत्ता हाईकोर्ट के मना करने के बाद भी बीजेपी की ओर से रथयात्रा निकाले जाने के बाद भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, राजू बनर्जी और राहुल सिन्हा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के एकल पीठ के गुरुवार के उस आदेश के खिलाफ बीजेपी की ओर से दायर अपील का निस्तारण कर दिया है जिसमें पार्टी को उसकी रथयात्रा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। अदालत ने निर्देश दिया कि मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक 12 दिसम्बर तक भाजपा के तीन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और 14 दिसम्बर तक मामले में कोई निर्णय करें।

अदालत के इस फैसले से पहले यहां मीडिया से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, ‘अगर जरूरत पड़ी तो हम न्याय के लिए उच्चतम न्यायालय जाएंगे।’ कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भाजपा के उन पत्रों का कोई जवाब नहीं देने के लिए शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगायी जो उसने राज्य में अपनी रथयात्राओं के लिए अनुमति मांगने के लिए लिखे थे।

भाजपा प्रदेश नेतृत्व के साथ खड़े होते हुए विजयवर्गीय ने कहा, ‘पार्टी की तरफ से कोई चूक नहीं हुई है और पूरी पार्टी एकजुट खड़ी है और हम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के साथ हैं। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हम अदालत को उसके फैसले के लिए धन्यवाद देते हैं। राज्य सरकार को कई दिनों से इस मामले पर हमारे साथ चर्चा करने के लिए समय नहीं था। अब वे चर्चा के लिए बैठेंगे।’

रथयात्रा की अनुमति और पत्र का जवाब नहीं दिए जाने पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा था कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार लोकतंत्र की गला घोंट रही है। अमित शाह ने कहा था हम निश्चित तौर पर यात्राएं निकालेंगे और हमें कोई रोक नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि यात्राएं रद्द नहीं हुई हैं केवल स्थगित हुई हैं। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हम यात्राओं के अनुमति के लिए कोर्ट की प्रक्रिया का पालन करेंगे।

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