गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 10 और 11 अगस्त को हुई करीब 36 बच्चो की मौत के मामले में डॉक्टर कफील के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है. ये मुकदमा सीएम योगी के आदेश पर दर्ज किया गया है.

इसके केस में लखनऊ के हजरतगंज थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें भ्रष्टाचार, लापरवाही और प्राइवेट प्रैक्टिस के मामलों को शामिल किया गया है,

भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में बाबा रघुवर दास मेडिकल कॉलेज (बीआरडी) के प्रिंसिपल और ऑक्सीजन सप्लायर पुष्पा सेल्स को नामजद किया गया है.

वहीँ डॉ कफील पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत डॉक्टर के निजी  प्रैक्टिस करने पर कोई रोक नहीं है. इस मामले में स्थानीय डीएम की रिपोर्ट में डॉ कफ़ील को पहले ही क्लीन चीट दे दी गई थी.

डीएम रिपोर्ट में ऑक्सीजन सप्लायर कंपनी पुष्पा सेल्स , कॉलेज के प्रिंसिपल आरके मिश्रा और एनीसथीसिया विभाग के एचओडी और ऑक्सीजन सप्लाई प्रभारी डॉक्टर सतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया गया था.

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