गुरदासपुर: सिंह ने कहा कि अजमेर शरीफ दरगाह पर मेरे विश्वास ने जान बचा ली। सलविंदर ने कहा, ‘मैं अपने ख्वाजा जी के प्रति अगाध श्रद्धा रखता हूं।

पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों द्वारा गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक को अगवा करने और उसके बाद उन्हें छोड़ने को लेकर तमाम तरह के कयास जारी हैं। इस बीच एसपी सलविंदर सिंह ने कहा है कि आतंकी उनको छोड़ने के बाद एक बार फिर उनकी हत्या करने के लिए वापस आए थे। सलविंदर सिंह ने कहा कि मेरे बारे में जानने के बाद वह मेरी हत्या करने के लिए वापस आए थे।
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अपने आधिकारिक आवास पर पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा कि शुरुआत में आतंकी मेरी गाड़ी पर लगी नीली बत्ती को नहीं देख सके थे क्योंकि वह काम नहीं कर रही थी। सलविंदर ने कहा, ‘बत्ती काम नहीं कर रही थी और उन्हें मेरे बारे में कुछ पता नहीं चल सका। उन्होंने मेरी पगड़ी के जरिए ही मुझे बांध दिया और फेंक दिया। उन्होंने मुझे गालियां दीं और गला दबाने लगे। मुझे लगा कि शायद वो लोग मेरा कत्ल ही कर देंगे, लेकिन उन्होंने मुझे कार से बाहर फेंक दिया।’

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सलविंदर सिंह की सरकारी कार महिंद्रा एक्सयूवी को पठानकोट में हमले को अंजाम देने वाले फिदायीन आतंकियों ने एयरबेस तक पहुंचने के लिए हाईजैक कर लिया था। सलविंदर सिंह को आतंकियों ने कोई चोट नहीं पहुंचाई थी, जबकि उनके कुक मदन और राजेश वर्मा को चोटें आई हैं। सिंह ने कहा कि अजमेर शरीफ दरगाह पर मेरे विश्वास ने जान बचा ली। सलविंदर ने कहा, ‘मैं अपने ख्वाजा जी के प्रति अगाध श्रद्धा रखता हूं। उन्होंने मेरी जान बचा ली। राजेश ने पुलिस को बताया था कि आतंकियों को जब यह पता चला कि मैं एसपी हूं तो वह मुझे मारने के लिए आए थे, लेकिन ख्वाजा जी ने मुझे मौत के मुंह से निकाल लिया।’

एजेंसियां सलविंदर सिंह के बयानों की जांच करने में जुटी हैं। एसपी सलविंदर सिंह ने जिन स्थानों का जिक्र किया है, वह उन सभी स्थानों का दौरा कर रही है। एसपी ने कहा कि मैंने गुरदासपुर के सीनियर एसपी को उनके लैंडलाइन फोल पर कई बार आतंकियों के बारे में अलर्ट करने के लिए फोन किया था। साभार: नवभारत टाइम्स

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