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जुलाई में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से ही कश्मीर में हिंसा के कारण पर्यटन उद्योग पूरी तरह से चरमरा गया हैं. ऐसे में अब हुर्रियत की और से जारी बयान में भारत सहित दुनियाभर के पर्यटकों से बेझिझक कश्मीर आने की गुजारिश की गई.

हुर्रियत की तरफ से जारी बयान में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्‍मद यासीन मलिक ने कहा, ‘भारत सहित दुनिया के तमाम मुल्कों से आने वाले पर्यटकों का कश्‍मीर में इस्तकबाल है. हम सभी लोगों को कश्‍मीर आने और हमारे मेहमाननवाजी और दुनिया की इस जन्नत का आनंद लेने की दावत देते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि कश्मीरी सदियों से चली आ रही कश्मीरी मेहमाननवाजी को संभाले बैठे हैं और हमारा मजहब भी हमें यही सिखाता है. उन्होंने कहा, हमारा इस्लाम हमें अपने मेहमानों की मेहमाननवाजी समेत उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी देता है.

बयान में कहा गया कि बेशक वर्ष 2008 में जम्मू में साप्रदायिक ताकतों ने कश्मीरियों के लिए लिए दवाओं और बच्चों का दूध तक बंद कर दिया, लेकिन कश्मीरियों ने उस समय भी पर्यटकों की पूरी मदद की.

इसी तरह वर्ष 2010 में भी हमने पर्यटकों व तीर्थयात्रियों के लिए अपने घरों के दरवाजे खुले रखे और उसके बाद वर्ष 2014 में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान कश्मीरियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर पहले देश-विदेश से कश्मीर में आए सैलानियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. इसलिए हिन्दुस्तान या दुनिया के किसी भी कोने के लोगों को कश्मीर आने से नहीं डरना चाहिए.


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