नई दिल्ली – महिलाओं के लिए पुरुषों के सोच तब निकलकर सामने आती है जब वो अकेले समाज के खिलाफ उठ खड़ी होती है, क्यों की हमें बचपन से सिखाया जाता है बड़ो के सामने खामोश रहो, मर्दों के सामने जुबान मत चलाओ, अगर कोई महिला वाकपटु होती भी है तो उसे बेशर्म,बेगैरत जैसे उपनामों से सजा दिया जाता है. ऐसा ही एक मामला मणिपुर में देखने को मिल जहाँ इलेक्शन लड़ रही मुस्लिम महिला को चुनाव लड़ने पर कब्र की भी जगह न देने का फतवा दे दिया गया है।

पांच बच्चों की मां 44 वर्षीय नाजिमा बीबी मणिपुर के वाबगई विधानसभा सीट से इरोम शर्मिला की पार्टी पीपुल्स रिसजेर्स एंड जस्टिस एलाएंस (प्रजा) के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। वह इस पार्टी के कुल तीन प्रत्याशियों में से एक हैं। वह विधानसभा चुनाव लड़ने वाली मणिपुर की पहली मुस्लिम महिला हैं।

नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार दसवीं तक पढ़ी नाजिमा बीबी के खिलाफ उनके क्षेत्र के मौलवियों ने फतवा दे दिया है कि वह उन्हें कब्र की भी जगह नसीब नहीं होने देंगे। फिर भी नाजिमा बीबी बिना डरे मैदान में हैं।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

अकेले या अपने कुछ समर्थकों के साथ अपनी साइकिल पर प्रचार के लिए निकल पड़ती हैं। क्योंकि वह अपने समाज की महिलाओं की स्थिति सुधारकर उन्हें घरेलू हिंसा से बचाना चाहती हैं।

Loading...