भोपाल: हाल ही में टीकमगढ़ जिलें में पुलिस के हाथों किसानों की पीटाई ने प्रदेश के अन्नदाताओं पर शिवराज सरकार की मेहरबानी दुनिया भर ने देख ली. इन मेहरबानियों के चलते ही किसानों को मौत को गले लगाना पड़ रहा है.

मामला बैतल के आठनेर ब्लाक के चकोरा का है. जहाँ एक किसान ने अपने घर पर कीटनाशक पीकर जान दे दी. किसान का नाम पंजू कुमरे है. गंभीर हालत में किसान कोआठनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, उसने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया

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परिजनों का कहना है कि आठ एकड़ की खेती के लिए पंजू से बैंक से दो लाख रुपये का कर्ज लिया था. लगातार खराब हो रही फसलों के चलते वह कर्ज की किश्तें नही चुका पा रहा था. इस बार की सोयाबीन की फसल भी खराब हो गयी. जिसके चलते उसने मजबूर होकर ये कदम उठाया.

मृतक किसान की माली हालत का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पुलिस ने जब पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा तो परिजनो के पास शव को गांव तक ले जाने और उसकी अंत्येष्टि करने तक के लिए रुपये नही थे.

ध्यान रहे बैतूल में बीते दो साल में आधा दर्जन से ज्यादा किसान मौत को गले लगा चुके है. पुरे प्रदेश में किसानों का यही हाल है.

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