firan

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में न्याय नहीं मिलने से नाराज मुस्लिम परिवार के 20 लोगों ने सोमवार को एसडीएम बड़ौत को एफिडेविट देकर स्वेच्छा से इस्लाम धर्म को छोड़ कर हिन्दू धर्म अपनाने का ऐलान किया है। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

मामले में आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्य और ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा है कि बागपत के उलेमाओं और तंजीमों को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। महली ने कहा कि बागपत मामले में जैसा की पता चला है, परिवार के लड़के की मौत हुई और उसे उस मामले में इंसाफ नहीं मिला।

उन्होने कहा, ये एक संजीदा बात है और हम समझते हैं कि बागपत के उलेमा और तंजीमों को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्हें हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए कि उस परिवार का साथ दें और उसको इंसाफ दिलाने की कोशिश करें। फरंगी महली ने कहा कि दूसरी तरफ जिला प्रशासन आदि को भी ये देखना चाहिए कि इंसाफ के लिए कोई तंजीम धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर तो नहीं कर रही है। इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस केस पर मेहनत करने की जरूरत है।

बता दें कि मामला छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव का है। जहां गांव के ही रहने वाले अख्तर अली अपने परिवार के साथ अपनी एक रिस्तेदारी कोतवाली बागपत क्षेत्र निवाड़ा गांव में रहता था और उनका बेटा कपड़े का व्यापार करता था और जुलाई माह में उनके बेटे गुलहशन अली का शव उनकी ही दुकान में खूंटी पर लटका हुआ मिला था।

परिजनों का आरोप था कि मुस्लिम समाज के ही कुछ दबंगो ने उसकी हत्या करने के बाद शव को खूंटी पर लटका दिया था। लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और हत्या को आत्महत्या में दर्ज कर शव को जबरन दफ़नवा दिया गया। जिसकी शिकायत पीड़ितों ने जिले के आला अधिकारियों से कर उचित कार्रवाई की मांग की लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ितों ने धर्म परिवर्तन करने का फैंसला लिया है।

एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पीड़ितों की पुलिस से नाराजगी नहीं है, बल्कि वह अपने समाज के लोगों की ओर से सहयोग नहीं दिए जाने के कारण स्वेच्छा से धर्म बदल रहे हैं। दूसरी और हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मंगलवार को पीड़ितों के गांव में हवन यज्ञ कर रीति रिवाज के साथ सभी 20 लोगों का नामकरण कराने की तैयारी में जुटे है।

हिन्दू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष योगेंद्र तोमर ने बताया कि बदरखा गांव में आज यज्ञ होगा और इस यज्ञ के दौरान मुस्लिम समाज के लोग हिंदू धर्म विधिवत रूप से अपनाएंगे और इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करके उनका नामकरण भी किया जाएगा।

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें