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कैराना की नवनिर्वाचित सांसद तबस्सुम हसन की जीत के साथ ही सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी संदेश प्रसारित किये जा रहे है. इस मामले में उत्तर प्रदेश की शामली पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है.

शामली के पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा के आदेश पर ये जांच शुरू की गई है. दरअसल, तबस्सुम हसन ने शिकायत दर्ज कराकर सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वालों और सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

जानकारी के अनुसार,वॉट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया पर उनके नाम से एक कथित सांप्रदायिक टिप्पणी को शेयर किया जा रहा जिसमें उन्हें कहते हुए दिखाया गया, ‘ये अल्लाह की जीत है और राम की हार.’

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हालांकि तबस्सुम ने इस सबको प्रोपेगेंडा ठहराते हुए कहा कि वे कभी ऐसा बयान दे ही नहीं सकतीं. उन्होंने कहा है कि ऐसे पोस्ट वॉट्सऐप और अन्य दूसरे माध्यमों से सामाजिक सौहार्द्रता और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाए जा रहे. यह एक सुनियोजित योजना के तहत किया जा रहा है.

शामली के पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बीबीसी को बताया, “हमें राष्ट्रीय लोक दल और सपा नेताओं ने शनिवार दोपहर एक लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें कहा गया था कि सांसद तबस्सुम हसन के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार किया जा रहा है.”

“हमने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली है. पाँच लोगों की एक टीम बनाई गई है, इसमें मीडिया सेल के भी लोग हैं जो जल्द ही सर्विलांस सेल के साथ मिलकर एक रिपोर्ट सौंपेंगे.” पुलिस का दावा है कि वो इस बात का पता कर लेगी कि ये पोस्ट किसने डाली और इसे कैसे वायरल किया गया.

इस मामले में राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी ने ट्विटर पर लिखा है, “मैं ऐसी फ़र्ज़ी पोस्ट्स को भाजपा के इशारे पर किया गया हमला मानता हूं जो कैराना उप-चुनाव के नतीजों को हिंदू बनाम मुसलमान के तौर पर देख रहे हैं.”

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