Khaki shaming, she found the objectionable condition Inspector

एक फोन पर पड़ गया दारोगा का दांव उल्टा, अब एनडीपीएस एक्ट में होगी कार्रवाई

वाराणसी. पुलिस विभाग में रस्सी को सांप बनाने की कथा तो आपने सुनी ही होगी। इसी मुहावरे को चरितार्थ करने के चक्कर में पड़े एक दारोगा साहब का दांव उल्टा पड़ गया। जाति विशेष का नशा इस कदर सवार था कि अपने साथियों पर पर ही रौब झाड़ते। जिस थाने में तैनाती का दंभ भरते हुए इलाके में ताव से घूमते थे, अब उसी थाने के हवालात का मेहमान बनना होगा।
वर्दी के रौब में मारा था बीच बाजार थप्पड़
लक्सा थाना क्षेत्र में औरंगाबाद हाउस के सामने बीते सप्ताह सीवर लाइन ठीक करने के लिए अधेड़ मजदूर सीवर का ढक्कन खोलकर काम कर रहा था कि बाइक पर सवार दारोगा फूलचंद यादव पहुंच गए। कुछ सेकेंड के लिए जाम में फंसे दारोगा ने आव देखा न ताव अपनी उम्र से बड़े मजदूर को सरेआम थप्पड़ रसीद दिया और अपशब्दों से नवाजा और चलते बने।
दारोगा जी की गुंडई यहीं समाप्त नहीं हुई। सत्ता में पहुंच का नशा इस कदर सवार था कि उसी शाम फ्लैक्स डिजाइनिंग का काम करने वाले अभिषेक को खुन्नस के चलते पूरी रात थाने पर बिठाया। मन नहीं भरा तो फंसाने के लिए दारोगा ने अपने पास मौजूद डायजापाम की दस गोलियां अभिषेक के पास से बरामदगी दिखाते हुए एनडीपीएस एक्ट में उसका चालान कर दिया। यहां उसका दांव उल्टा पड़ गया।
अभिषेक के परिजनों ने सपा के एक पदाधिकारी से बेटे को पुलिस के चंगुल से छुड़ाने की गुहार लगाई। संयोग से वह पदाधिकारी उस समय सूबे की सबसे चर्चित यानि मुख्यमंत्री के चचेरे भाई की शादी में मौजूद थे। उन्होंने वहीं से एसएसपी आकाश कुलहरि को फोन घुमाया और सारे मामले से अवगत कराया।
एसएसपी ने प्रकरण की जांच कराई तो मामला सही निकला। एसएसपी आकाश कुलहरि ने दारोगा को निलंबित करने के साथ ही अभिषेक को छुड़वाया और थानेदार को आदेश दिया कि जो मुकदमा अभिषेक के खिलाफ दर्ज था वो फूलचंद यादव के नाम दर्ज किया जाए। (patrika)
Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें