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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रतन स्कवैयर स्थित पासपोर्ट सेवा कें अधिकारी द्वारा हिन्दू-मुस्लिम दंपती मोहम्मद अनस सिद्दीकी और उनकी पत्नी तन्वी सेठ का धार्मिक उत्पीड़न करने के मामले मे एक शख्स ने खुद के चश्मदीद गवाह होने का दावा किया है।

कुलदीप सिंह नामक शख्स ने इस दावे के साथ ही एक और बड़ा दावा ये भी किया कि उसको अगवा करने की कोशिश की गई। उसने बताया कि वह लखीमपुर में इंडिया नेपाल सीमा पर से अपहर्ताओं के चंगुल से निकलने मे भी कामयाब हो गया।

उसका कहना है कि वह शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करने वाला था। कुलदीप के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2.15 बजे उसे किडनैप कर लिया गया। खीरी में मैलानी थानाक्षेत्र में किडनैपर्स से छूट कर वह भाग निकला। कुलदीप का कहना लखनऊ से पुलिस टीम उसे लेने पहुंच रही है।

मैलानी कोतवाल बृजेश त्रिपाठी का कहना है कि कुलदीप घबराया हुआ था।  उसे रविवार सुबह लखनऊ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। हालांकि अभी ये साफ नहीं हुआ है कि अपहरण किसने किया और क्यों किया? पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

बता दें कि पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा ने पासपोर्ट रिन्यू कराने के बदले धर्मपरिवर्तन कर हिन्दू धर्म अपनाने को कहा था। इतना ही नहीं तनवी से सभी दस्तावेजों में अपना नाम बदलने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने मना कर दिया तो विकास ने उनको अपमानित किया।

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