महाराष्‍ट्र: देश की राजनीति का स्तर अब इतना गिर चूका हैं कि अब देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले जवानों की पत्नियों को बदचलन बताया जा रहा हैं. ये सब हो रहा हैं केंद्र और राज्य में सत्ता संभाली हुई बीजेपी की सभाओं में.

दरअसल महाराष्ट्र के विधान परिषद में भाजपा के समर्थन से सदस्य बने प्रशांत परिचारक ने भाजपा के लिए चुनावी प्रचार करते हुए भारत की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की पत्नियों को बदचलन करार दिया. परिचारक ने कहा कि ”एक सैनिक को उसकी पत्नी से फोन पर पता चलता है उसके घर बच्चा हुआ है. वह खुशी में सीमा पर साथी जवानों को मिठाई बांटता है, उसके सहयोगी इसका कारण पूछते हैं तो वह बताता है कि उसको बेटा हुआ है. उसकी पत्नी ने एक लड़के को जन्म दिया है. लेकिन कमाल की बात यह है कि वो एक साल से ज्यादा समय से अपने घर ही नहीं गया है.”

दरअसल परिचायक सभा में बता रहे थे कि कुछ नेता बिना कुछ करे ही सारा क्रेडिट लेना चाहते हैं, इसी को बताते हुए उन्होंने सौनिक का किस्सा भी सुना दिया कि कुछ नेता काम का श्रेय ऐसे लेते हैं, जैसे बिना घर जाए सैनिक अपने बच्चे का. परिचारक के इस बयान को कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने निंदनीय और अपमानजनक बताया है. उन्‍होंने कहा, सैनिकों का अपमान करना राष्‍ट्रद्रोह है भाजपा को परिचारक के बयान पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए.

वहीँ NCP की महिला विंग की प्रदेश अध्‍यक्ष चित्रा वाघ ने इस बयान को ‘भद्दा’ बताया है. उन्‍होंने कहा, परिचारक ने सेना की बेइज्‍जती की है. उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. जिसके बाद प्रशांत परिचारक ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि उनका इरादा सैनिकों का अपमान करना नहीं थ.। उन्‍होंने कहा, मैं व्‍यक्तिगत तौर पर सैनिकों और उनके परिवारों का सम्‍मान करता हूं. अगर उनकी भावनाएं आहत हुईं हों तो मैं क्षमा मांगता हूं.


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