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नई दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने इलाज में लापरवाही बरतने के चलते बड़ा फैसला लेते हुए शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल का शुक्रवार को लाइसेंस रद्द कर दिया है. दरअसल अस्पताल ने नवजात बच्चें को मृत बताकर इलाज करने से मना कर दिया था.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हॉस्पिटल द्वारा नवजात को मृत बताए जाने की घटना को एक दम स्वीकारा नहीं जा सकता है. उन्होंने बताया, मैक्‍स अस्‍पताल को एक और लापरवाही के मामले में 22 नवंबर को भी नोटिस जारी किया जा चुका था. इसके बाद नवजातों के मामले में भी मैक्स को नोटिस भेजते हुए चेतावनी दी थी. कहा था कि अगर अस्‍पताल में फिर कोई लापरवाही का मामला सामने आता है तो अस्‍पताल का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.

ध्यान रहे शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए एक 6 महीने की गर्भवती महिला वर्षा ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था. अस्पताल ने दोनों बच्चों को मृत बताकर ‘शवों’ को पॉलिथिन में लपेटकर परिजनों को सौंप दिया था. लेकिन अंतिम संस्कार के दौरान पता चला कि एक बच्चे में सांस चल रही है. जिसके बाद नवजात को एक दूसरे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन कुछ दिन बाद उस नवजात की भी मौत हो गई.’

इस पुरे मामले का खुलासा बच्चे के पिता आशीष द्वारा दायर कराई गई एफआईआर के बाद हुआ. जिसमें उन्होंने कहा कि अस्पताल ने नवजात को नर्सरी में रखने के लिए 50 लाख रुपए मांगे थे. साथ ही उन्होंने कहा, पहले तो मैक्स अस्पताल ने मेरे बच्चों को मृत घोषित करके बड़ी गलती की, मेरे बच्चों के इलाज में लापरवाही की. मृत बताते हुए दोनों को पार्सल में पैक कर दिया.

हालांकि इस पुरे मामले में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन मैक्स अस्पताल और डॉक्टरों के पक्ष में आकर खड़ा हो गया है. एसोसिएशन ने बयान जारी करके कहा कि ‘समय से पहले होने वाली ऐसी डिलीवरी के लिए कोई प्रोटोकॉल या गाइडलाइंस नहीं है.

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