झारखंड के गुमला जिले में जादू-टोना के शक में चार आदिवासियों की कथित तौर पर पी’ट-पी’टकर ह’त्या के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में 16 संदिग्धों की पहचान कर ली गई है।

सोमवार को गुमला एसपी अंजनी कुमार झा ने बताया, चारो वृद्धों की ह’त्या में शामिल सिसकारी गांव के पहान, पुजार समेत आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें पहान सुकरा उरांव, पुजार तुला उरांव, ग्रामीण कुंदरू उरांव, लालू उरांव, राम उरांव, शुकू उरांव, महावीर उरांव व झड़ी उरांव के नाम शामिल हैं।

झा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि चारो मृतक वृद्ध गांव में ओझागुणी व झाड़-फूंक का काम करते थे। 20 दिन पहले गांव के युवक बोलो उरांव की मौ’त बीमारी से हो गयी थी। लेकिन गांव के कुछ दबंग लोगों ने हवा उड़ा दी कि गांव के ओझा सुना भगत ने बोलो पर डायन-भूत करके उसे मार दिया है।

इसके बाद गांव में हवा फैला दी कि सुना उरांव, चापा उरांव, पीरी देवी व फगनी देवी गांव के देवी मंडप में बकरा चरा (बलि देने के लिए) दिया है। इसलिए गांव में संकट आ गया है। संकट से बचने के लिए गांव के लोगों ने 20 जुलाई की देर रात को गांव में बैठक की। इसके बाद सुना उरांव, चापा उरांव, पीरी देवी व फगनी देवी को एक-एक कर घर से निकाला और लाठी डंडे से पीट-पीटकर ह’त्या कर दी।

एसपी ने कहा कि इस पूरे घटना के मास्टरमाइंड गांव के पहान सुकरा उरांव व पुजार तुला उरांव हैं। इन्हीं दोनों ने मिलकर पूरे गांव के लोगों को अंधविश्वास में डाला। जिससे चार वृद्धों की हत्या कर दी गयी। एसपी ने बताया कि चार हत्याकांड के बाद सबसे पहले पहान सुकरा उरांव को पकड़ा गया। उससे पूछताछ के बाद अन्य आरोपी का नाम सामने आया। मांडर की भगताईन को जल्द पकड़ा जायेगा। जिसने पहान व पुजार से मिलकर अंधविश्वास का बीज बोया।

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