hafi

hafi

यूपी के लखीमपुर खीरी में ईद मिलादुन्नबी का जश्न को आतंकी हाफ़िज़ सईद की रिहाई का जश्न करार देते हुए सोशल मीडिया में जमकर प्रचारित किया गया, जो बाद में नेशनल मीडिया तक की सुर्खिया बन गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवपुरी के बेगमबाग में मुस्लिम समुदाय के लोग ईद मिलादुन्नबी की तैयारी में लगे हुए थे. इस दौरान वे घरों की छतों और गलियों में हरे झंडे लगा रहे थे. लेकिन संघ से जुड़े लोगों ने झंडे लगाने पर ऐतराज किया. जब बात नहीं बनी तो सोशल मीडिया पर आतंकी हाफ़िज़ सईद के रिहाई का जश्न की अफवाह फैला दी.

सोशल मीडिया पर संदेश वायरल होने के साथ ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने जाँच की तो पूरी अफवाह फर्जो पाई गई. इंस्पेक्टर अशोक पांडेय ने बताया कि न तो आपत्तिजनक नारे लगाने की बात साबित हुई. नहीं पाकिस्तानी झंडे निकले.

lakhi1

स्थानीय निवासी  ईमान अशफाक कादरी ने कहा, ‘मुझे राष्ट्रद्रोही नारे लगाने की जानकारी नहीं है. जहां तक बात हरे झंडे की है तो लोग जुलूस-ए-मोहम्मदी का जश्न मना रहे थे जो 2 दिसंबर को है. इसमें हाफिज और पाकिस्तान की कोई बात नहीं थी.

डॉ. एस चनप्पा, एसपी खीरी ने कहा कि मोहल्ले में एक कार्यक्रम है. इसे लेकर झंडे लग रहे थे. कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति की थी. बाद में आयोजकों ने खुद झंडे हटा लिए थे, पुलिस को हटाने नहीं पड़े. आपत्तिजनक नारे लगने जैसी बात भ्रामक है. ऐसी कोई सूचना नहीं है. अफवाहें फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी.

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें