2016 में हरियाणा में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कई महिलाओं की इज्जत लुटी गई थी. इस बात का खुलासा वरिष्ठ वकील और एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष किया है.

उन्होंने कोर्ट को बताया कि जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में 9 महिलाओं से गैंगरेप हुआ था. उन्होंने ये जानकारी आंदोलन की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी के सदस्य आईएएस विजय वर्धन के हवाले से दी. गुप्ता ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान गैंगरेप मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की.

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 गुप्ता ने कहा कि मुरथल गैंग रेप मामले में सरकार का रुख अब भी नकारात्मक है. वह रेप की घटना को स्वीकार करने को तैयार ही नहीं हैं. गुप्ता ने  आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अनट्रेस रिपोर्ट इसकी गवाही दे रही है कि सरकार कुछ करना ही नहीं चाहती.

उन्होंने बताया कि एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार मुरथल गैंग रेप मामले में अब तक कोई पीड़ित ही नहीं मिला  है ऐसे में जांच आगे नहीं बढ़ रही. एमिकस क्यूरी ने कहा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूरे हरियाणा में मुरथल गैंग रेप सहित 1212 एफआईआर दर्ज की गई.

गुप्ता ने बताया, इनमें से 921 केस में अनट्रेस रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। 184 मामलों में रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है. केवल 173 लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा 81 मामलों में चालान पेश किया गया है. वहीँ 1105 मामलों को अनअटेंडेड की श्रेणी में रखा गया.

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