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फरीदाबाद के दौलताबाद गाँव में उस वक्त हालात उग्र हो गए जब हरियाणा पुलिस गाँव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति हटाने के लिए पहुंची. संविधान दिवस पर संविधान निर्माता के इस अपमान पर स्थानीय लोग उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस पर हमला बोल दिया.

करीब डेढ़ घंटे तक चले संघर्ष में पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए वहीँ 18 स्थानीय लोगों को हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस प्रशासन की इस कारवाई के खिलाफ 400 लोगों ने अर्धनग्न होकर एनएच-2 से प्रदर्शन भी किया.

प्रदर्शनकारियों ने मोदी और खट्टर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संसद के लिए कूच किया. लेकिन दिल्‍ली पुलिस ने उन्‍हें आली गांव के पास रोक लिया. संविधान दिवस पर संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति हटाने की ये कारवाई खट्टर सरकार के लिए काफी भारी पड़ सकती हैं.

स्थानीय ग्रामीण विकास चौधरी का कहना हैं कि प्रशासन की यह कार्रवाई निंदनीय है. संविधान दिवस (26 नवंबर)के मौके पर पूरा देश जहां बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन कर रहा है वहीं मनोहर लाल खट्टर सरकार ने आज सोची समझी साजिश के तहत बाबा साहब की मूर्ति को खंडित करके यह दिखा दिया है कि यह दलित विरोधी सरकार है.





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