गोरखपुर के बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज के बर्खास्त डॉ कफील खान (Dr. Kafeel Khan) और उनके भाई को धोखाधड़ी के नौ साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनकी ये गिरफ्तारी बहराइच के अस्पताल में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में जमानत पर जेल से रिहा होने के एक दिन बाद हुई है।

गोरखपुर पुलिस का कहना है कि डॉक्टर कफिल खान को उनके भाई आदिल खान के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करके बैंक खाता खोलने और उससे करीब दो करोड़ रुपये के लेनदेन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (कैंट) प्रभात कुमार राय ने बताया कि शहर के राजघाट थाने में मुजफ्फर आलम नामक व्यक्ति ने वर्ष 2009 में डॉक्टर कफील और उनके भाई अदील अहमद खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।

उन्होने बताया, उसने दोनों पर 82 लाख रुपए का लेन-देन करने के लिए बैंक में खाता खुलवाने के मकसद से उसकी फोटो तथा पहचान पत्र का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। इसी मामले में आज इन दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

मुजफ्फर का आरोप है कि उनके दस्तावेज का गलत इस्तेमाल कर दोनों ने फैजान के नाम से यूनियन बैंक की बैंक रोड शाखा में 2009 में एक खाता खोला। आलम ने कहा, ‘मनिपाल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के दौरान डॉ. कफील खान ने इसी खाते से 3 लाख 81 हजार रुपये का डीडी बनवाकर फीस जमा की थी। वर्ष 2014 में मुजफ्फर की आपत्ति पर यह खाता बैंक ने बंद कर दिया।’

कफील पिछले साल अगस्त में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे के अंदर बड़ी संख्या में मरीज बच्चों की मौत के मामले में अभियुक्त बनाए गए नौ लोगों में शामिल हैं। उन्हें इसी मामले में सबूतों के अभाव में अप्रैल में अदालत ने  जमानत दे दी थी जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया था।

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