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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर स्थित (BRD) बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में पिछले दिनों कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई 70 से बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार डॉ. कफील खान की जमानत अर्जी विशेष न्यायधीश भ्रष्टाचार निवारण राकेश धर दुबे ने खारिज कर दिया है.

अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि बीआरडी मेडिकल कालेज में चिकित्सा के लिए आक्सीजन की सप्लायी मेसर्स पुष्पा सेल्स की थी. डॉ. कफील खान नोडल प्रभारी के पद पर कार्यरत थे. जीवन रक्षक आक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत हो सकती थी, इस बात की जानकारी होते हुए भी उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में सूचना नहीं दी.

डॉ. कफील के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 308 और 409 के तहत आरोप पत्र प्रेषित किया गया है. हालांकि डॉक्टर कफील के खिलाफ जांच अधिकारियों को कोई पर्याप्त सामग्री या सबूत नहीं मिल पाया. जिससे साबित हो कि वह निजी प्रैक्टिस और भ्रष्टाचार में शामिल थे. साथ ही उन्होंने किसी भी आईटी अधिनियम की किसी भी धारा का उल्लंघन नहीं किया.

ऐसे में कफील के खिलाफ मामले को और भी जटिल बनाने के लिए लगाई गई भ्रष्टाचार विरोधी कानून की धारा 7/13, आईटी कानून की धारा 66 और भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम की धारा को हटा लिया गया.

आप को बता दें कि ऑक्सीजन खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद डॉ कफील अपने निजी पैसों से ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था की थी.

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