उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में पिछले साल कथित रूप से ऑक्सीजन खत्म हो जाने से 70 के करीब बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले मे आरोपी डॉक्टर कफील खान ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने आप को बचाने के लिए उन्हे बलि का बकरा बनाया था।

कफील खान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने आप को बचाने के लिए किसी न किसी को बलि का बकरा बनाना था, क्योंकि उनके और हेल्थ मीनिस्टर को लेटर गया था। राजा को बचाने के लिए प्यादे को अपनी जान देनी होती है। तो किसी को तो बकरा बनाना था। जिस प्रकार से मीडिया ने दो दिन हमें फरिश्ता और भगवान का इमेज बना दिया, वह शायद उनके अच्छी नहीं लगी। इस वजह से उन्होंने पूरे मुद्दे को डायवर्ड कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि नहीं तो उस वक्त मीडिया और जनता पूछ रही थी कि हेल्थ मीनिस्टर क्या कर रहा है? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में कैसे जवाबदेह नहीं है? तो अपने आप को बचाने के लिए किसी ना किसी को मारना था। और बाद में बच्चों की मौत का मामला दबाकर डॉ कफील के इर्द गिर्द की खबरें चलने लगी। कितने बच्चे मरे और उनका क्या हुआ सब लोगों ने बोलना छोड़ दिया और सबका ध्यान भटका दिया गया।

yogi 650x400 41514689208

भाई पर हुए जानलेवा हमले को लेकर कफील ने कहा कि यह बहुत आश्वचर्य की बात है कि जिस वक्त उनके भाई पर जानलेवा हमला हुआ उस सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में ही थे। उन्होंने कहा कि सीएम योगी जहां रूके थे उससे मात्र 500 मीटर की दूरी पर उनके भाई पर हमला हुआ। कफील ने कहा कि इस घटना को एक महीने से अधिक बीत गए हैं लेकिन अभी तक पुलिस को इस मामले में कोई सफलता हासिल नहीं हुई है।

बता दें कि डॉ कफील हाई कोर्ट के आदेश पर जमानत पर बाहर है। उनके खिलाफ जांच एजेंसिया मेडिकल लापरवाही का कोई भी सबूत नहीं पेश कर पाई। जिसके बाद सबूतों के अभाव में हाई कोर्ट उन्हे जमानत पर रिहा कर दिया।