सराय अकिल थाना के सुरसेनी गांव में पुलिस के अत्याचार के चलते मुस्लिम परिवारों का पलायन सिलसिला जारी है। दो समुदायों के झगड़े के बाद पुलिस की एकतरफा कार्रवाई ने मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को परिवार के साथ पलायन के लिए मजबूर कर दिया है।

जुलाई के पहले सप्ताह में ही लगभग एक दर्जन मुस्लिम परिवार गांव छोड़ चुके है। इन परिवारों के आरोपों के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई भाजपा विधायक के दबाव का परिणाम है। बतादें कि सरायअकिल थाना क्षेत्र के सुरसेनी गांव में 29 जून को बालू लदे ओवरलोड ट्रेक्टर की वीडियो बनाने को लेकर पूर्व प्रधान राजेन्द्र व वर्ग विशेष के लोगों में मार-पीट हुई थी।

जिसके बाद बीजेपी विधायक के दबाव में आकर पुलिस ने मुस्लिम लोगो पर एक पक्षीय कार्रवाई करते हुये गंभीर धाराओं मे डॉ। निसार और लगभग 60 अज्ञात लोगों सहित 11 नामित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज  किया गया। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 147, 148, 323 और 504 लगाई गई। मामले मे नौ लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया|

इतना ही नहीं इन लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने मुस्लिम घरों पर छापेमारी भी की। इस दौरान महिलाओं और लड़कियों से दुर्व्यवहार किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई “धार्मिक रूप से” और “राजनीतिक रूप से” प्रेरित है।  पुलिस कार्रवाई के बाद गांव के मुसलमानों ने अपने घरों को लॉक करके और उनके साथ अपने सामान ले कर गांव छोड़ना शुरू कर दिया।

जल्द ही, इस मुद्दे ने वर्तमान गांव के सिर रीना शुक्ला का ध्यान आकर्षित किया, जो मुस्लिम पड़ोस में पहुंचे और अत्याचारों का अंत करने का वादा किया। लेकिन कई मुस्लिम परिवारों ने रहने का फैसला नहीं किया। हालांकि  सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद गांव से पलायन कर गए और परिवार जल्द वापस गांव आने को तैयार हैं। एसपी ने ग्रामीणों को आवश्वस्त किया है कि मामले की सही जांच के बाद ही दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।