अजमेर: शिक्षा राज्यमंत्री गोविंदसिंह डोटासरा मंत्री बनने के बाद शुक्रवार को पहली बार अपनी एक दिवसीय अजमेर पुष्कर यात्रा के दौरान भाजपा एवं आरएसएस पर जमकर बरसे। उन्होने कहा कि जब कांग्रेस देश को आजाद करा रही थी, तब आरएसएस के लोग अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे।

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डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने आरएसएस की विचार धारा को थोपने के लिए शिक्षा विभाग को प्रयोगशाला बना दिया। साइकिलों का रंग भगवा कर दिया। उन्होंने तंज कसा-भाजपा साइकिलों का रंग बदलती रही, जनता ने इनकी सरकार ही बदल दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनैतिक द्वेषता वश तबादले किए गए, कई विद्यालय बंद कर दिए। कांग्रेस का मानना है कि शिक्षा में राजनीति नहीं होनी चाहिए तथा पाठ्यक्रमों में राजनीति विचारधारा का पुट नहीं होना चाहिए।

डोटासरा ने कहा कि पिछली सरकार ने आरएसएस की विचारधारा को थोपने के लिए पाठ्यक्रमों में राजस्थान के गौरवमयी इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने तथा उसे नष्ट करने की कुचेष्टा की। अब गैर राजनैतिक शिक्षाविदों की टीम बना कर समीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की पाठ्यक्रम में किसी भी प्रकार का बदलाव करने की मंशा नहीं है। यह केवल भाजपा की ही सोच है। भाजपा ने तो महापुरुषों के महत्व को कम करने की कोशिश की है। बीजेपी मुद्दों में मुद्दा तलाश कर रही है।

उन्होने कहा, महाराणा प्रताप का पराक्रम और संघर्ष आजादी के बाद से ही पाठ्यक्रमों में शामिल है। हमने कभी महाराणा प्रताप के योगदान से इनकार नहीं किया, उनका योगदान सृष्टि रहने तक याद किया जाता रहेगा। लेकिन बीजेपी ने ही अपने स्वार्थ के लिए पाठ्यक्रमों में छेड़छाड़ करके कुछ हटाया और कुछ जोड़ दिया। हम शिक्षा में राजनीति को नहीं शामिल करेंगे। हमसे वह बीजेपी सवाल कर रही है जिसका देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा।

डोटासरा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक पार्टी के संस्थापक हो सकते हैं, लेकिन उनकी तुलना महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री से नहीं की जा सकती है। हम गुणवत्तापूर्वक शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जो मॉडल स्कूल बीजेपी ने बंद किए हैं हम उन्हें फिर से शुरू करेंगे।

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