‘कोरोना से हुई डॉक्टर जोशी की मौत, तबलीगियों ने किया आकर अंतिम संस्कार’

महाराष्ट्र के पुणे में कोरोना महामारी से संक्रमित डॉक्टर की मौत हो गई। जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार करने के लिए कोई तैयार नहीं था। ऐसे में तबलीगी जमाती लोगों ने आगे आकर शव का अंतिम संस्कार करा।

जानकारी के अनुसार, डॉ. रमाकांत जोशी के परिवार में सिर्फ एक लड़का है, लेकिन वह भी अमेरिका में रहता है और पत्नी की उम्र 74 वर्ष है और डॉ. चाहते थे कि 4 लोगों के कंधों पर उनकी शव यात्रा जाये, लेकिन कोरोना के वजह से कोई भी परिजन उनके पास आने के लिए तैयार नहीं था।

ऐसे में जब यह घटना तबलीग़ जमात से जुड़े हुए मुस्लिम युवकों के सामने आई तो उन्होंने न केवल सारी व्यवस्था की बल्कि शव को अपने कंधों पर रखकर श्मशान भूमि ले गए और अंतिम संस्कार भी किया।

इस घटना को लेकर लेखक राजेन्द्र पवार ने कहा कि ‘मुस्लिम समाज को बुरा समझा जाता है लेकिन आप एक बार मुसलमानों के प्रति स्नेह दिखा के देखो वे आपके लिए अपना जीवन दे देंगे। मुस्लिम समुदाय को बुरा माना जाता है, लेकिन जो कोरोना अवधि के दौरान सबसे अधिक मदद के लिए दौड़ा वह मुस्लिम समुदाय है।’

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