डॉक्टर दादी के नाम से मशहूर डॉक्टर भक्ति यादव नहीं रही। 91 वर्षीय भक्ति यादव का आज सुबह निधन हो गय. वे छह दशक से निःस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा कर रही थी. चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें इसी वर्ष “पद्मश्री” से सम्मानित किया गया था.

डॉक्टर भक्ति यादव देश की पहली महिला चिकित्सक है, जिसने एक लाख से अधिक महिलाओं की डिलेवरी करवाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री ने लिखा- ‘भक्ति यादव का दुनिया से चले जाना दुखद है. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं. उनका काम हम सबके लिए एक प्रेरणा है.

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डॉ.भक्ति यादव मध्यप्रदेश की पहली महिला चिकित्सक थी. चिकित्सा सेवा के 64 साल के करियर में एक लाख से अधिक महिलाओं की डिलेवरी करवाई. डॉ. भक्ति के बेटे रमन यादव ने बताया कि उनकी मां ने घर में आखिरी सांस ली. वह हड्डियों के कमजोर होने के रोग ऑस्टियोपोरोसिस और वृद्धावस्था के अलग-अलग स्वास्थ्यगत विकारों से पीड़ित थीं.

पिछले कुछ महीनों से उनका वजन लगातार घट रहा था. उन्होंने बताया कि डॉ. भक्ति ने पिछले छह दशक में एक लाख से ज्यादा महिलाओं का इलाज किया था. गरीब तबके की मरीजों को वह निःशुल्क चिकित्सकीय सलाह और दवाएं देती थीं.

वह इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 1948 से 1953 के बैच में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली अकेली लड़की थीं

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