मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपियों को पेश नहीं होने पर कोर्ट ने दी कुर्की की चेतावनी

मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 2013 में हुए दंगों के दौरान एक हत्या के मामले में छह लोगों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की है। दरअसल ये सभी आरोपी कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हो रहे थे।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार गौतम ने रवींद्र, प्रह्लाद, बिशन सिंह, तेंदू, देवेंद्र और जीतेंद्र के खिलाफ 16 अप्रैल को आत्मसमर्पण करने के लिए मंगलवार को नोटिस जारी किए।

इससे पहले अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे लेकिन उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया। अदालत ने अब उनकी पूंजी और संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया है।

बता दें कि 27 अगस्त 2013 को मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में शाहनवाज की हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ देर बाद दो जाट युवक गौरव और सचिन की गांववालों ने पीटकर हत्या कर दी थी।

पुलिस का कहना था कि गौरव और सचिन शाहनवाज की हत्या के मुख्या आरोपी थे। इन हत्याओं के बाद मुजफ्फरनगर और आस पास के जिलों में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा हुई, जिसमें 62 लोग मारे गए और 60 हजार से ज्यादा लोगों को घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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