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नई दिल्ली:  आंध्रप्रदेश के पेडागंत्याणा में देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति से तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। बता दें कि कल 6 दिसंबर यानी गुरुवार को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का 63वां महापरिनिर्वाण दिवस है।

इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मूर्ति किसने और किस मकसद से तोड़ी, फिलहाल यह पता नहीं चल सका है। फिलहाल मामले में पुलिस आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी यूपी के प्रयागराज में अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

इससे पहले अक्‍टूबर महीने में इसी जिले के मधुरवाड़ा इलाके में अज्ञात उपद्रवियों ने 150वीं जयंती से ठीक एक दिन पहले राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की प्रतिमा को तोड़ दिया था। उस वक्‍त पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की थी और इस मामले में केस भी दर्ज किया था।

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दिलचस्‍प है कि जहां गांधीजी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्‍त किया गया वहां पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, डॉक्‍टर भीमराव अंबेडकर और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी प्रतिमा थी। लेकिन, अराजक तत्‍वों ने सिर्फ गांधीजी की प्रतिमा को ही निशाना बनाया था।

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में विभिन्‍न राज्‍यों में कई महान विभूतियों की प्रतिम को क्षतिग्रस्‍त करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। देश में मूर्ति तोड़े जाने की घटना की शुरुआत त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधानसभा चुनाव में जीत के साथ हुई थी जहां रूसी क्रांति के महानायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को गिराया गया था।

इस घटना के तुरंत बाद तमिलनाडु में दो जगहों पर समाज सुधारक और ई वा रामासामी पेरियार की मूर्ति को तोड़ा गया था। फिर पश्चिम बंगाल में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को भी तोड़ा गया था।

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